
Karnataka कर्नाटक : राज्य के पारिवारिक न्यायालयों में तलाक के लिए दाखिल आवेदनों की संख्या बढ़ती जा रही है। सालाना 40 हजार आवेदन दाखिल किए जा रहे हैं। पांच साल में 1.95 लाख आवेदन दाखिल किए गए हैं। औसतन हर दिन सौ से अधिक आवेदन न्यायालय में दाखिल किए जा रहे हैं।
2020 में जहां 20,454 आवेदन जमा किए गए, वहीं 2024 के अंत तक 36,952 आवेदन जमा किए जा चुके हैं। कोविड के बाद 2022 में इनकी संख्या बढ़कर 66,863 हो गई है। इस साल फरवरी के अंत तक 5,576 आवेदन जमा किए जा चुके हैं।
हाईकोर्ट के वकील विश्वनाथ बिचगट्टी ने कहा, "अवांछित विवाह, मानसिक और शारीरिक शोषण, अनैतिक संबंध, दहेज हिंसा, पारिवारिक कलह, दुश्मनी, संदेह, अपमान और कई अन्य मुद्दे पति-पत्नी के बीच झगड़े और तलाक का कारण बन सकते हैं। आपसी प्रेम, विश्वास, भावनाओं को साझा करने, सम्मान, प्रतिबद्धता, समय, ध्यान और इच्छा की कमी परिवार में दरार का कारण बनती है।"





